जसरासर।खेजड़ी पेड़ों की लगातार हो रही अवैध कटाई को रोकने एवं पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से 2 फरवरी को बीकानेर में महापड़ाव रखा गया है। महापड़ाव को सफल बनाने के लिए आज जसरासर में भगवान जंभेश्वर मंदिर परिसर में बैठक आयोजित की गई, जिसमें ग्रामवासियों व जीव-प्रेमियों ने भाग लिया।बैठक में बताया गया कि खेजड़ी का पेड़ मरुस्थलीय क्षेत्र का जीवन-धार है, लेकिन हाल ही में सोलर प्लांट को आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध कटान की घटनाएँ सामने आई हैं, जिससे पर्यावरण और पशु-पक्षियों के जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर संत समाज, पर्यावरण कार्यकर्ता और ग्रामीण एकजुट होकर बीकानेर में आवाज बुलंद करेंगे।कार्यक्रम संयोजकों ने बताया कि 2 फरवरी 2026 को बीकानेर में होने वाले महापड़ाव में अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर पर्यावरण संरक्षण आंदोलन को मजबूती देना जरूरी है।बैठक में संत भागीरथ दास शास्त्री, रिछपाल फौजी, सुभाष खारा सहित पर्यावरण प्रेमियों ने गाँव-गाँव तक संदेश पहुँचाने और जन-जागरूकता बढ़ाने की अपील की। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि खेजड़ी का पेड़ खेतों की उपज बढ़ाता है, पशुधन को चारा देता है और मरुस्थलीय क्षेत्रों को स्थिर रखता है, इसलिए इसका संरक्षण समाज और भविष्य दोनों के लिए जरूरी है।इस अवसर पर रामकिशन पटवारी, मनोज विश्नोई, बुधराम ठेकेदार, विजयपाल, सुरेश, बस्ती राम, बाबूलाल जांगिड़ सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।





