बीकानेर, 3 जून। नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में कहीं भी कचरे के ढेर नजर नहीं आने चाहिए और तकनीकी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि नालों की समय पर सफाई हो तथा सीवरेज और ड्रेनेज संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
सर्किट हाउस में नगर निगम, बीडीए और आवासन मंडल अधिकारियों की समीक्षा बैठक में मंत्री ने आमजन की शिकायतों का सात दिनों में निस्तारण करने तथा देरी होने पर कारण सहित जवाब देने के निर्देश दिए। उन्होंने बीडीए की नई भवन परियोजना को लेकर उठी आपत्तियों के बाद निर्माण कार्य तत्काल रोकने और वैकल्पिक स्थान का संयुक्त निरीक्षण करने को कहा।
बैठक में सीवरेज कार्यों की जांच को लेकर मिली शिकायतों पर दोबारा निरीक्षण करवाने के निर्देश दिए गए। वहीं अमृत योजना के तहत 265 करोड़ रुपये के विकास कार्यों में देरी पर नाराजगी जताते हुए संबंधित कंपनी के खिलाफ पेनल्टी लगाने का प्रस्ताव भेजने को कहा गया।
मंत्री ने फर्जी पट्टों की जांच, अतिक्रमण हटाने, अवैध कचरा फेंकने वाले स्थानों पर सीसीटीवी लगाने, कचरा परिवहन वाहनों की जीपीएस मॉनिटरिंग तथा आवासन मंडल क्षेत्रों में अवैध खनन पर सख्ती बरतने के निर्देश भी दिए।
बैठक में विधायकों ने शहर की विभिन्न समस्याएं उठाईं, जिनमें निगम भूमि पर अतिक्रमण, फर्जी पट्टों की जांच, कचरा निस्तारण, सूरसागर जीर्णोद्धार और शास्त्री नगर नाले की समस्या प्रमुख रही। मंत्री ने सभी मामलों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।नगर निगम आयुक्त सिद्धार्थ पलानीचामी ने बताया कि जयपुर रोड को मॉडल रोड के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें ईवी चार्जिंग स्टेशन, आधुनिक फुटपाथ और अन्य सुविधाएं शामिल होंगी। इसके अलावा शहर की 10 अन्य सड़कों को भी मॉडल रोड बनाया जाएगा तथा कई बड़े प्रोजेक्ट पीपीपी मोड पर शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
