फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र व वसीयत बनाकर जमीन हड़पने का आरोप, जसरासर थाने में मामला दर्ज

जसरासर | जसरासर तहसील के गांव थावरिया में कृषि भूमि हड़पने के लिए फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र, कूटरचित वसीयतनामा और झूठे शपथ पत्र तैयार करने का गंभीर मामला सामने आया है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस थाना जसरासर में आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।परिवादी सत्यनारायण गौड (56) निवासी थावरिया ने न्यायालय सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट, नोखा में प्रस्तुत इस्तगासा में आरोप लगाया कि उनके ताऊ की पत्नी तुलछी देवी का निधन लगभग 60 वर्ष पूर्व नागौर जिले के ग्राम गांवड़ी में हुआ था, जहां उनका मृत्यु प्रमाण पत्र भी बना हुआ है। इसके बावजूद अभियुक्त भंवरलाल व श्यामलाल ने षड्यंत्रपूर्वक थावरिया में मृत्यु दर्शाते हुए फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराया।

परिवादी के अनुसार, आरोपियों ने कूटरचित वसीयतनामा एवं झूठा शपथ पत्र प्रस्तुत कर खेत खाता संख्या 147, रकबा 17.66 हेक्टेयर कृषि भूमि अपने नाम दर्ज करवा ली। जबकि कानूनन उक्त भूमि में परिवादी के पिता का 1/2 हिस्सा एवं डूंगरराम का 1/2 हिस्सा बनता था। परिवादी ने आरोप लगाया कि उसकी सहमति दर्शाते हुए झूठा शपथ पत्र तैयार किया गया, जबकि उसने कभी कोई सहमति नहीं दी।परिवादी ने बताया कि इस संबंध में 20 जनवरी 2026 को पुलिस थाना जसरासर में सूचना दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 27 जनवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक बीकानेर को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजी गई, फिर भी सुनवाई नहीं हुई। अंततः न्यायालय की शरण ली गई।न्यायालय के आदेश पर पुलिस थाना जसरासर में धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2), 61(2) भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रकरण का अनुसंधान सउनि रविन्द्र सिंह को सौंपा गया है।थानाधिकारी गौरव सारस्वत (आरपीएस) ने बताया कि मामले की FIR दर्ज कर CCTNS में प्रविष्टि की जा रही है

जसरासर ग्रीन एनर्जी पावर प्लांट में भीषण आग

जसरासर | जसरासर क्षेत्र में स्थित ग्रीन एनर्जी पावर प्लांट में आज लापरवाही के चलते भीषण आग लगने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार पावर प्लांट में पराली डालने का कार्य चल रहा था। इसी दौरान पराली डालते समय उपयोग में लिया जा रहा उपकरण ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया। टकराव होते ही तेज चिंगारी निकली और सूखी पराली ने तुरंत आग पकड़ ली।

देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और तेजी से फैलती चली गई। घटना के बाद हालात इतने गंभीर हो गए कि चारों ओर धुएं के घने बादल छा गए। दूर-दराज के इलाकों से भी धुएं का गुबार साफ नजर आने लगा।


पावर प्लांट परिसर में उस समय लगभग 800 मैट्रिक टन पराली का भारी स्टॉक मौजूद था। आग की भयावहता को देखते हुए कर्मचारियों और मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए लगभग आधे पराली स्टॉक को अलग हटाने का प्रयास किया, जिससे एक बड़ा नुकसान टल गया। हालांकि, शेष लगभग आधा स्टॉक आग की चपेट में आ गया और जलकर खाक हो गया।


घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग को मौके पर बुलाया गया। दमकल की कई गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और आग बुझाने का कार्य शुरू किया गया। दमकल के साथ साथ पास के कुओं से पानी लेकर लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है। पराली अत्यधिक सूखी और बड़ी मात्रा में होने के कारण आग तेज बनी हुई है, जिससे दमकल कर्मियों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।


इधर, पुलिस थाना जसरासर की टीम भी मौके पर पहुंची और हालात को संभालते हुए सुरक्षा व्यवस्था कायम की। राहत व बचाव कार्यों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।


खबर लिखे जाने तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है। राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन पावर प्लांट को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और प्रथम दृष्टया लापरवाही को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।

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