बीकानेर, 7 जून। केंद्रीय विधि एवं न्याय (स्वतंत्र प्रभार) एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री Arjun Ram Meghwal ने रविवार को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में रेलवे एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ रेल विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने बीकानेर रेल मंडल में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं, यात्री सुविधाओं के विस्तार और रेलवे अवसंरचना से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।

केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित और यात्री सुविधाओं से जुड़े सभी कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने यात्रियों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा क्षेत्र में रेल सेवाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया।

बैठक में मंडल रेल प्रबंधक Gaurav Goyal ने बीकानेर रेल मंडल की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि मनहेरू-भिवानी (13 किमी), रतनगढ़-चूरू (44 किमी) और चूरू-दूधवाखारा (29 किमी) रेलखंडों में दोहरीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है। इन खंडों में स्वचालित सिग्नलिंग प्रणाली भी शुरू कर दी गई है, जिससे रेल संचालन अधिक सुरक्षित और सुगम हुआ है।

उन्होंने बताया कि बीकानेर रेल मंडल के 1780 रूट किलोमीटर का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है तथा वर्तमान में अधिकांश यात्री और मालगाड़ियों का संचालन विद्युत इंजनों से किया जा रहा है। इसके अलावा लालगढ़, हनुमानगढ़, सूरतगढ़, हिसार और भिवानी में नई वॉशिंग लाइन परियोजनाओं पर भी कार्य चल रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद मंडल में वॉशिंग लाइनों की संख्या 7 से बढ़कर 18 हो जाएगी।

बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कोटगेट और सांखला रेलवे फाटकों से जुड़ी समस्याओं पर भी गंभीरता से चर्चा की। उन्होंने रेलवे एवं पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।

बैठक में रेलवे, सार्वजनिक निर्माण विभाग, नगर निगम तथा अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि क्षेत्र के रेल विकास और यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयासरत है तथा सभी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाएगा।

 

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बीकानेर, 7 जून। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू), बीकानेर का 23वां स्थापना दिवस एवं लोकार्पण समारोह रविवार को आयोजित किया गया। समारोह में राजस्थान के राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री हरिभाऊ बागड़े, उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा तथा बीकानेर पश्चिम के विधायक श्री जेठानंद व्यास ऑनलाइन जुड़े। जबकि केंद्रीय विधि एवं न्याय( स्वतंत्र प्रभार) व संसदीय कार्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल कार्यक्रम में उपस्थित हुए।

 

विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी श्री उमेश शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान, राजस्थान गीत एवं विश्वविद्यालय कुलगीत के साथ हुआ। विश्वविद्यालय की विकास यात्रा पर आधारित वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया। कुलगुरु प्रो. मनोज दीक्षित ने स्वागत उद्बोधन देते हुए विश्वविद्यालय की उपलब्धियों एवं भावी योजनाओं की जानकारी दी।

 

श्री शर्मा ने बताया कि समारोह के दौरान प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम-उषा) के अंतर्गत निर्मित परीक्षा केंद्र भवन (गुरु जम्भेश्वर भवन), केंद्रीय शोध सुविधा भवन (आचार्य तुलसी भवन), विज्ञान भवन (मां करणी भवन) तथा कला भवन (संत रामसुखदास भवन) का लोकार्पण किया गया। साथ ही नैसकॉम आईटी-आईटीईएस सेक्टर स्किल काउंसिल तथा राजस्थान नॉलेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (आरकेसीएल) के साथ दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान भी हुआ।

 

राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री हरिभाऊ बागड़े ने विश्वविद्यालय परिवार को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय 23 वर्ष पूर्ण कर नई उपलब्धियों की ओर अग्रसर है। उन्होंने पीएम-उषा योजना के तहत विकसित अधोसंरचना को विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया तथा शिक्षा के साथ संस्कार, अनुसंधान और कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई। उन्होंने नव-निर्मित भवनों के नामकरण से जुड़े महापुरुषों के जीवन परिचय को विद्यार्थियों तक पहुंचाने की भी बात कही। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर की उत्कृष्ट शिक्षण एवं शोध संस्था बनाने का आह्वान किया।

 

केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुनराम मेघवाल ने अपने संबोधन में कहा कि महाराजा गंगा सिंह की दूरदर्शिता का सबसे बड़ा उदाहरण गंग नहर परियोजना है, जिसने मरुस्थलीय क्षेत्र के विकास की दिशा बदल दी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार गंग नहर ने इस क्षेत्र में जीवन और समृद्धि का संचार किया, उसी प्रकार विश्वविद्यालय ज्ञान, शोध और नवाचार के माध्यम से समाज को नई दिशा दे रहा है। उन्होंने नवस्थापित भवनों को प्रदेश की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण कदम बताते हुए युवाओं से शिक्षा, कौशल और नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

 

उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने उच्च शिक्षा संस्थानों को नवाचार एवं कौशल विकास का केंद्र बनाने पर बल देते हुए विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख शिक्षा से जोड़ने की आवश्यकता बताई।

 

कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव श्री यशपाल आहूजा ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ वंदे गंगा अभियान का हुआ समापन

बीकानेर, 5 जून। पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन एवं जनजागरण के उद्देश्य से आयोजित वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026 का समापन शुक्रवार को रविंद्र रंगमंच में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ। इस अवसर पर जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों, कृषकों एवं संस्थाओं को जल गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया, वहीं वन विभाग द्वारा उपस्थित दर्शकों को निशुल्क पौधों का वितरण किया गया।

कार्यक्रम में पूर्व विधायक सिद्धि कुमारी, जिला कलेक्टर निशांत जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

सिद्धि कुमारी ने कहा कि जल संरक्षण जनभागीदारी का विषय है और प्रत्येक नागरिक को जल एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। जिला कलेक्टर निशांत जैन ने अभियान की सफलता के लिए सभी विभागों, संस्थाओं और नागरिकों का आभार जताया।

समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। सांस्कृतिक संध्या में गणेश वंदना, लोकगीत, घूमर, चरी नृत्य, कठपुतली नृत्य एवं जल संरक्षण आधारित नाट्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से जल बचाने, नदियों को स्वच्छ रखने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने जल एवं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया तथा रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ अभियान का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

मानसून पूर्व तैयारियों को लेकर जिला कलेक्टर ने ली समीक्षा बैठक

बीकानेर, 5 जून। आगामी मानसून को देखते हुए जिला कलेक्टर ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में नगर निगम एवं बीकानेर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की बैठक लेकर शहर में जलभराव की संभावित स्थिति से निपटने के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को मानसून आगमन से पूर्व सभी प्रमुख नालों एवं नालियों की सफाई कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

जिला कलेक्टर ने कहा कि वर्षा के दौरान शहर में जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने विशेष रूप से उन स्थानों की पहचान कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जहां पूर्व वर्षों में जलभराव की स्थिति बनी रही है।

बैठक में जिला कलेक्टर ने नगर निगम एवं बीकानेर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को जल निकासी व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए ड्रेनेज सिस्टम की नियमित निगरानी करने तथा आवश्यक मरम्मत एवं सुधार कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सफाई कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। जिला कलेक्टर ने कहा कि मानसून से पूर्व सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

इससे पूर्व निगम अधिकारियों ने शहर के जलभराव वाले प्रमुख स्थानों वल्लभ गार्डन, सुजानदेसर, खुदखुदा आश्रम, कोठारी हॉस्पिटल के पास, ढोला-मारू क्षेत्र, माणक गेस्ट हाउस, किसमीदेसर, गंगाशहर रोड, चौखूंटी पुलिया, कोटगेट, पुलिस लाइन चौराहा तथा जयपुर रोड स्थित सोफिया स्कूल के सामने किए जाने वाले अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक कार्यों की जानकारी दी। साथ ही बताया कि शहर के प्रमुख नालों की सफाई के टेंडर जारी हो चुके हैं तथा सफाई कार्य प्रगति पर है।

बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने किया जल संरक्षण कार्यों का अवलोकनविश्व पर्यावरण दिवस पर किया फलदार पौधों का रोपण

बीकानेर, 5 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिला परिषद बीकानेर की मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कतरियासर का दौरा कर मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत संचालित जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्यों का अवलोकन किया।

उन्होंने विभिन्न स्थलों पर पहुंचकर किए जा रहे विकास कार्यों की प्रगति, उपयोगिता तथा ग्रामीण क्षेत्र में उनके प्रभाव की जानकारी ली।

इस दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने टांका, फार्म पॉन्ड तथा डिग्गी निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से इन कार्यों की वर्तमान स्थिति एवं लाभार्थियों को होने वाले लाभ के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के यह कार्य ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ाने, भूजल स्तर सुधारने तथा कृषि गतिविधियों को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल संरक्षण से जुड़े कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए तथा इनके दीर्घकालिक रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे आमजन को इनका अधिकतम लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा एक व्यापक अभियान है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उन्होंने ग्राम क्षेत्र में फलदार पौधों का पौधारोपण भी किया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिकाधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण और वृक्षारोपण एक-दूसरे के पूरक हैं तथा सतत विकास के लिए दोनों आवश्यक हैं।

इस अवसर पर विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण एवं जल बचाने का संकल्प लिया।

अल्पसंख्यक समुदाय के लिए ऋण आवेदन आमंत्रित, 15 जून तक कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन

बीकानेर, 4 जून। राजस्थान अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास सहकारी निगम लिमिटेड द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए अल्पसंख्यक समुदाय के जरूरतमंद व्यक्तियों से कारोबारी एवं शैक्षणिक ऋण के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी राजेश कुमार कालवा ने बताया कि योजना के तहत मुस्लिम, जैन, सिख, ईसाई, पारसी एवं बौद्ध समुदाय के पात्र व्यक्तियों को विभिन्न व्यवसायों के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अंतर्गत जनरल स्टोर, टेंट हाउस, भोजनालय, टेलरिंग, मोटर बाइंडिंग सहित अन्य स्वरोजगार गतिविधियों के लिए ऋण दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि शैक्षणिक ऋण के तहत एमबीबीएस, बीएससी नर्सिंग सहित विभिन्न व्यावसायिक एवं उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों के लिए भी ऋण सुविधा उपलब्ध है। इच्छुक आवेदक 5 जून से 15 जून 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

ऑनलाइन आवेदन लिंक

milannmdfc.org

जानकारी के लिए

minorityaffairs.rajasthan.gov.in

अधिक जानकारी के लिए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय, चौपड़ा कटला रानी बाजार, बीकानेर अथवा दूरभाष नंबर 0151-2201008 पर संपर्क किया जा सकता है। पात्र अभ्यर्थियों से निर्धारित अवधि में आवेदन करने की अपील की गई है।

बज्जू में तैनात रहे तत्कालीन एएसआई पर रिश्वत मांगने का मामला दर्ज, एसीबी करेगी जांच

बीकानेर। बीकानेर जिले के बज्जू थाना क्षेत्र में तैनात रहे एक तत्कालीन एएसआई के खिलाफ रिश्वत मांगने और राशि लेने के आरोप में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। शिकायत का सत्यापन सही पाए जाने के बाद मामले की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को सौंप दी गई है।

जानकारी के अनुसार भलूरी गांव के एक ज्वेलर्स व्यवसायी ने एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसकी दुकान में हुई लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषणों की चोरी के मामले में आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करने के नाम पर तत्कालीन एएसआई ने रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि एएसआई ने 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी, जिसमें से 1500 रुपये प्राप्त भी कर लिए थे।

एसीबी द्वारा शिकायत का सत्यापन किया गया। सत्यापन के दौरान शिकायतकर्ता और आरोपी एएसआई के बीच हुई बातचीत में रिश्वत मांगने तथा राशि लेने संबंधी तथ्यों की पुष्टि होने की बात सामने आई। हालांकि सत्यापन प्रक्रिया के दौरान ही संबंधित एएसआई का तबादला हो जाने के कारण ट्रैप कार्रवाई नहीं की जा सकी।

सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर आरोपी एएसआई के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की विस्तृत जांच अब एसीबी के जांच अधिकारी द्वारा की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

भ्रष्टाचार के खिलाफ की गई इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

पूगल दौरे पर जिला कलक्टर निशांत जैन, विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण कर दिए आवश्यक निर्देश

बीकानेर, 3 जून। जिला कलक्टर निशांत जैन ने बुधवार को पूगल क्षेत्र के विभिन्न सरकारी कार्यालयों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा अधिकारियों को आमजन से जुड़े कार्यों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिला कलक्टर ने पंचायत समिति पूगल की विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण कर योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कार्मिकों को जिम्मेदारी एवं गंभीरता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। इस दौरान अन्नपूर्णा रसोई का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं को लेकर लाभार्थियों से फीडबैक लिया तथा निर्धारित मानकों के अनुसार संचालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने पंचायत समिति परिसर में किए गए पौधारोपण कार्यों का भी अवलोकन किया।

इसके बाद जिला कलक्टर ने उप जिला अस्पताल का निरीक्षण कर आउटडोर और इनडोर व्यवस्थाओं, दवाइयों की उपलब्धता, जांच सुविधाओं तथा स्टाफ की उपस्थिति की जानकारी ली। विभिन्न वार्डों में जाकर मरीजों से बातचीत की और गर्मी के मौसम को देखते हुए लू-तापघात एवं जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने पुलिस थाना, राजस्व तहसील एवं उपकोष कार्यालय का वार्षिक निरीक्षण भी किया। इस दौरान पत्रावलियों का अवलोकन कर अधिकारियों को आमजन के हित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए।

आडूरी में जनसुनवाई, जल संरक्षण का संदेश

दौरे के दौरान जिला कलक्टर ने आडूरी ग्राम पंचायत में जनसुनवाई कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत ग्रामीणों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई और अधिक से अधिक लोगों तक जल बचाने का संदेश पहुंचाने का आह्वान किया। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी।इस अवसर पर तहसीलदार श्री अशोक पारीक, विकास अधिकारी श्री गोपाराम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

जिला पोषण समिति की बैठक आयोजित, आंगनबाड़ी भर्ती की वैकेंसी जल्द होगी जारी

बीकानेर, 3 जून। महिला एवं बाल विकास विभाग की वर्ष 2026-27 की प्रथम त्रैमासिक जिला पोषण अभिसरण योजना समिति की बैठक बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती शैलजा पांडे ने की।

बैठक में श्रीमती पांडे ने जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यकर्ता एवं सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक सुभाष बिश्नोई ने बताया कि भर्ती के लिए इसी सप्ताह विज्ञप्ति जारी किए जाने का प्रस्ताव है।

सीईओ ने एफआरएस, आधार एवं मोबाइल वेरिफिकेशन शत-प्रतिशत पूर्ण कर पोषण ट्रैकर ऐप पर डेटा अपलोड करने के निर्देश दिए। साथ ही कोलायत, बज्जू, नोखा, श्रीडूंगरगढ़, लूणकरणसर और पूगल परियोजनाओं को आगामी बैठक तक सभी लंबित कार्य पूर्ण करने को कहा।

बैठक में 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के पोषण स्तर, नाटापन, कम वजन और दुबलापन संबंधी आंकड़ों की समीक्षा की गई। श्रीमती पांडे ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों का सही वजन और लंबाई दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर बिजली, पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों से समन्वय बढ़ाने को कहा।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर प्रतिमाह मातृ-शिशु एवं स्वास्थ्य दिवस आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में जिले में पोषण संबंधी विभिन्न संकेतकों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए पोषण अभियान के लक्ष्यों को गंभीरता से पूरा करने पर जोर दिया गया।

उपनिदेशक सुभाष बिश्नोई ने विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि बैठक का उद्देश्य जिले में पोषण सेवाओं की समीक्षा और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर पोषण अभियान को अधिक प्रभावी बनाना है।

विश्व दुग्ध दिवस पर डेयरी महाविद्यालय में डेयरी क्षेत्र के सभी हितधारक एक मंच पर आए

बीकानेर, 3 जून। राजुवास के डेयरी महाविद्यालय में बुधवार को विश्व दुग्ध दिवस-2026 हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पहली बार डेयरी वैज्ञानिकों, डेयरी इंजीनियरों, डेयरी किसानों, डेयरी व्यवसायियों तथा डेयरी क्षेत्र के भावी विशेषज्ञों (छात्र-छात्राओं) को एक मंच पर एकत्रित कर कार्यक्रम आयोजित किया गया।

डेयरी महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. राहुल सिंह पाल ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान एनर्जी मिल्क, फ्लेवर्ड मिल्क, लस्सी, छाछ, आइसक्रीम सहित विभिन्न दुग्ध उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई तथा उपस्थित जनों ने इनका स्वाद भी लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास ने दुग्ध उत्पादन से जुड़े किसानों, ग्रामीण महिलाओं, दुग्ध उत्पादकों, डेयरी व्यवसायियों, अधिकारियों एवं डेयरी इंजीनियरों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन्हीं के सतत प्रयासों के कारण भारत आज विश्व में दुग्ध उत्पादन में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने डेयरी क्षेत्र के सभी हितधारकों से सामूहिक प्रयासों को और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान किया, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ दुग्ध उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके।

प्रो. राहुल सिंह पाल ने अपने संबोधन में दुग्ध की गुणवत्ता एवं पोषण महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दूध मानव जीवन का संपूर्ण आहार है। इसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, खनिज तत्व, विटामिन तथा पर्याप्त मात्रा में जल पाया जाता है। उन्होंने कहा कि दूध एवं दुग्ध उत्पादों के बिना कोई भी सामाजिक अथवा पारिवारिक समारोह पूर्ण नहीं माना जाता।

उन्होंने बताया कि विकसित देशों की तुलना में भारत में प्रति पशु दुग्ध उत्पादन अभी भी अपेक्षाकृत कम है। इसे बढ़ाने के लिए संतुलित एवं पौष्टिक पशु आहार, हरे चारे का अधिक उपयोग, कृत्रिम गर्भाधान, लिंग वर्गीकृत वीर्य (सेक्स सॉर्टेड सीमन) तथा क्लोनिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाना आवश्यक है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण एवं पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु चारा देने वाले वृक्षों के अधिकाधिक रोपण पर भी बल दिया।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय ऊंट अनुसंधान केंद्र (एनआरसीसी) के निदेशक डॉ. ए.के. पूनिया तथा उरमूल डेयरी प्रबंधन के प्रतिनिधि बाबूलाल विश्नोई ने भी विश्व दुग्ध दिवस के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।

इस अवसर पर डेयरी क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वैज्ञानिकों, पशुपालकों, अधिकारियों एवं छात्र-छात्राओं को सम्मानित एवं पुरस्कृत भी किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में डेयरी क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ, पशुपालक, विद्यार्थी एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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